- सहायक प्रोफेसर पद के लिए पी-एच.डी. डिग्री अनिवार्य नहीं,
- सहायक प्रोफेसर पद के लिए नेट/सेट/स्लेट अनिवार्य,
- यूजीसी ने जारी किए दिशानिर्देश।
Assistant Professor: Eligibility Criteria
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने उच्च शिक्षा संस्थानों में सहायक प्राध्यापक (असिस्टेंट प्रोफेसर) के पद के लिए पात्रता योग्यता में बदलाव किया है। यूजीसी की तरफ से जारी अधिसूचना (30 June 2023) के अनुसार 01 जुलाई 2023 से सहायक प्राध्यापक के पद पर सीधी भर्ती के लिए उम्मीदवारों को नेट, सेट या स्लेट (NET/SET/SLET) की परीक्षा पास होना अनिवार्य होगा। यानी अब से असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेट, सेट या स्लेट न्यूनतम योग्यता होगा जबकि पीएचडी की डिग्री अनिवार्य नहीं बल्कि वैकल्पिक होगी।

Eligibility Criteria for Assistant Professor
सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के लिए पी-एच.डी. वैकल्पिक पात्रता बनी रहेगी, नेट, सेट या स्लेट उच्च शिक्षण संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीधी भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता मापदंड होगी।
एम. जगदीश कुमार, यूजीसी के चेयरमैन
असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए योग्यता
असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए के योग्यता की बात करें तो बता दें कि इसके लिए मास्टर डिग्री में 55% अंकों के साथ नेट या सेट होना आवश्यक है। 01 जुलाई 2023 के बाद, यदि असिस्टेंट प्रोफेसर बनाना चाहते हैं तो पी-एच.डी. की डिग्री होने के बावजूद, आपको नेट/ सेट/ या स्लेट की परीक्षा पास करनी होगी। तभी आप असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए आवेदन कर सकते है। इससे पहले केंद्र सरकार ने वर्ष 2018 में यूजीसी के पुराने नियमों में बदलाव करके सहायक प्रोफेसर के पद पर नियुक्ति के लिए पी-एच.डी. को न्यूनतम पात्रता मानदंड निर्धारित किया था। जिसके अनुसार वही उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधे भर्ती भाग ले सकते थे, जिनके पास पी-एच.डी. की डिग्री हो। अब यूजीसी ने एक बार फिर नियमों में संशोधन किया है जिसके कारण पी-एच.डी. डिग्री असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधे भर्ती के लिए अनिवार्य योग्यता नहीं है बल्कि वैकल्पिक है, जबकि नेट/सेट/स्लेट सर्टिफिकेट न्यूनतम योग्यता हैं।
01 जुलाई 2023 से जो भी उम्मीदवार असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनको कम से कम 55% अंको के साथ (आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अंकों में 5% की छूट दी जाती है) संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से मास्टर्स डिग्री के साथ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (National Eligibility Test) (NET) या राज्य पात्रता परीक्षा (State Eligibility Test) (SET) पास होना अनिवार्य होगा। हालांकि, वैकल्पिक रूप से, जिन उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से पी-एच.डी. की डिग्री है, उन्हें असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर सीधी भर्ती में वरीयता दी जाएगी।
राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET)/राज्य पात्रता परीक्षा (SET)
यदि आप ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET) पास किया है तो आप भारत के किसी भी राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं। यदि आप ने 1 जून, 2002 से पहले सहायक प्राध्यापक के लिए यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त राज्य पात्रता परीक्षा (SET) उत्तीर्ण किया है, तो आप भारत के किसी भी राज्य में सहायक प्राध्यापक के पद लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जबकि, यदि आप ने 1 जून 2002 के बाद आयोजित राज्य पात्रता परीक्षा (SET) को पास किया है, तो आप केवल उन राज्य में स्थित विश्वविद्यालयों/कॉलेजों में सहायक प्राध्यापक पद के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे, जहां से आप ने अपना राज्य पात्रता परीक्षा (SET) पास किया है। भारत के विभिन्न राज्यों में राज्य पात्रता परीक्षा (SET) आयोजित की जाती है।
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जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF)/ राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (NET)
यूजीसी नेट परीक्षा के तहत असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ-साथ जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता निर्धारित की जाती है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) की पात्रता पास करने वाले उम्मीदवारों को भारत में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय के अंतर्गत उनके विशिष्ट विषय में पी-एच.डी. की डिग्री के दौरान स्कॉलरशिप/फेलोशिप प्रदान किया जाता है। साथ ही साथ वे भारत के किसी भी राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं। जेआरएफ सर्टिफिकेट्स केवल तीन वर्षों के लिए ही वैध होता है। जूनियर रिसर्च फेलोशिप (JRF) एक ऐसी स्कीम है जिसका उद्देश्य शोध गतिविधियों को बढ़ावा देना है। यूजीसी या सीएसआईआर की ओर से जेआरएफ पात्रता परीक्षा पास उम्मीदवार को पूरी तरह से वित्त पोषित पी-एच.डी स्कॉलरशिप मिलती है। नेट पास उम्मीदवार भारत के किसी भी राज्य में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लिए आवेदन करने के पात्र होते हैं। यूजीसी नेट सर्टिफिकेट्स जीवनभर (असिस्टेंट प्रोफेसर के पद लिए निर्धारित आयु सीमा) के लिए वैद्य होता है।
यूजीसी नेट परीक्षा क्या है?
यूजीसी नेट की परीक्षा हर वर्ष हर एक विषय के लिए होती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी वर्ष में दो बार (जून और दिसंबर में) यूजीसी नेट परीक्षा का आयोजन करती है। भारतीय यूनिवर्सिटी में जूनियर रिसर्च फेलो और असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए यूजीसी नेट परीक्षा पास करना अनिवार्य होता है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए उम्मीदवारों के पास यूजीसी द्वारा मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान से कम से कम 55% अंकों (आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को अंकों में 5% की छूट) के साथ मास्टर्स डिग्री होनी चाहिए। आप अपने संबंधित विषय में इस परीक्षा को पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर बन सकते हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद आप किसी भी विश्वविद्यालय में संबंधित विषय के छात्रों को पढ़ाने के लिए सहायक प्राध्यापक के लिए पात्र होते हैं।
यूजीसी नेट परीक्षा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप यूजीसी – एन टी ए की वेबसाइट लगातार सर्च करते रहें।
Reference: Prabhat khabar, Dainik Bhaskar, India Today, Hindustan, etc.


Sir kya ye Exam hard h without coaching ke bhi kr skten h kya
हां, आप बिना कोचिंग के नेट परीक्षा पास कर सकते हैं, लेकिन तैयारी गंभीरता और निरंतरता से करनी होगी।